TOP 5 PLACES TO VISIT IN JAIPUR

 


TOP 5 PLACES TO VISIT IN JAIPUR




पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर भारत का एक खूबसूरत पुराना शहर है। जयपुर समृद्ध वास्तुकला विरासत का अद्भुत नमूना है। जयपुर में आपकी यात्रा के दौरान कुछ ऐसी ही विरासत देखने को मिलेंगी। यहां राजसी इमारतें, वीरता की लड़ाइयों के किस्से, शानदार किले और महलों को देखने का अनुभव अलग ही होता है। सच तो यह है कि जयपुर में आपकी यात्रा के दौरान घूमने के लिए दो या चार नहीं बल्कि कई खूबसूरत जगहें हैं। पिंक सिटी में आप हवा महल, सिटी पैलेस, आमेर फोर्ट जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। यहां पहुंकर आप खरीददारी का अच्छा अनुभव हासिल कर सकते हैं। जब भी जयपुर जाएं तो यहां के स्ट्रीट फूड का आनंद जरूर लें। यहां का राजस्थानी जायकेदार भोजन बरबस ही पर्यटकों का दिल लुभाने वाला होता है।तो चलिए आज हम आपको अपने आर्टिकल में घूमने वाली जगहों के बारे में –

1.    आमेर का किला

जयपुर का सबसे बड़ा किला आमेर किला है,  इसे 1592 में राजा मानसिंह द्वारा बनवाया गया था. जिसे बाद में राजा जय सिंह प्रथम द्वारा और बढ़ाया गया था. जहां हर साल भारतीयों के अलावा विदेशी भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। राजधानी जयपुर से केवल ग्यारह किलोमीटर दूर, आमेर किला गुलाबी और पीले बलुआ पत्थरों से निर्मित है। आमेर एक छोटा सा शहर है जिसका क्षेत्रफल मुश्किल से चार वर्ग किलोमीटर है, यह कभी राजस्थान की राजधानी के रूप में जाना जाता था और आज दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। अंबर किला और जयगढ़ किला, दोनों ही ‘चील का टीला’ नामक पहाड़ी के ऊपर स्थित हैं।किले में शाम को साढ़े सात से आठ बजे के बीच हिंदी और अंग्रेजी लाइट शो का आनंद लिया जा सकता है। इसका मुख्य द्वार पूर्व की ओर है, इसके अलावा 3 और द्वार है. अंबर पैलेस में चार आंगन हैं, जहाँ दीवान-ए-आम भी है. इस पैलेस में आपको हाथी की सवारी करने का मौका भी मिलेगा, यह सवारी आपको पुरे किले के दर्शन कराएगी, वो भी शाही अंदाज में. आमेर किला की टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक|

2.    हवा महल


हवा महल भी जयपुर का मुख्य आकर्षण है. इस महल का निर्माण 1799 में महाराजा सवाई प्रताप सिंह के द्वारा करवाया गया था. हवा महल में हवा के आने जाने के लिए 953 खिड़कियाँ है, इसलिए इसे हवामहल नाम दिया गया. 5 मंजिला इस ईमारत में उपर जाने के लिए सीढियां नहीं बनाई है, इसमें ढलान (Slope) के द्वारा उपर जाया जा सकता है. कहते है इसे राजपुताना महिलाओं के लिए बनवाया गया था, ताकि वे महल के अंदर से पुरे शहर में क्या चल रहा है देख सकें, लेकिन उन्हें बाहर से कोई न देख सके. इसे लाल गुलाबी पत्थरों से बनवाया गया है. पैलेस में एक पिरामिड संरचना है जो लगभग एक मुकुट जैसा दिखता है, और असंख्य छोटी खिड़कियों से अलंकृत है। भीतर से हवा महल महल पाँच मंजिलों पर आधारित है, जिनमें से हर एक में अनोखे ढंग से सजाए गए आवास हैं। यहाँ एक छोटा सा संग्रहालय है जो कुछ समृद्ध अवशेषों और लघु चित्रों को रखता है। हवा महल की टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 4:50 बजे तक|

3.    जयगढ़ किला

जयगढ़ किला जयपुर के गुलाबी शहर में पहाड़ियों पर स्थित एक भव्य संरचना है। यह शानदार इमारत सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा 1726 में आमेर किले की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी यह शानदार किला आमेर किले से भूमिगत मार्ग के माध्यम से जुड़ा हुआ है और इसकी संरचना आमेर पैलेस के जैसे ही है, इसे विजय किला के नाम से भी जाना जाता है. क्योंकि इसे कभी भी विजय नहीं मिली थी। वर्तमान में किले में पहियों पर दुनिया की सबसे बड़ी तोप है और जयपुर शहर का शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है। किले को विद्याधर नामक एक प्रतिभाशाली वास्तुकार द्वारा डिजाइन और तैयार किया गया, जयगढ़ किले को तीनों किलों में सबसे मजबूत कहा जाता है। यह किला शहर के समृद्ध अतीत को दर्शाता है और इसका नाम उस शासक के नाम पर रखा गया है जिसने इसे बनाया था, सवाई जय सिंह II। आमेर किले की सुरक्षा के मूल उद्देश्य से निर्मित, जयगढ़ किले के परिसर के भीतर का महल वास्तुकला आमेर किले के समान है। अपनी विस्तृत वास्तुकला के अलावा, यह किला अपने विशाल खजाने के लिए भी जाना जाता है, जिसके बारे में माना जाता था कि यह उसके नीचे दबे हुए थे। ऐसा कहा जाता है कि खजाना, जब 1970 के दशक के दौरान खोजा गया था, राजस्थान सरकार द्वारा जब्त कर लिया गया था। यह मुगल और राजपूत शैली की वास्तुकला के संयोजन से निर्मित सबसे सुंदर वास्तुशिल्प महलों में से एक है।जयगढ़ किला की टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 4:50 बजे तक|

4.    नाहरगढ़ किला

जयपुर के गुलाबी शहर में स्थित नाहरगढ़ किला है, सुंदर और ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। नाजुक नक्काशी और पत्थर की नक्काशी के साथ, नाहरगढ़ किला एक अभेद्य दुर्ग है जो अपने दो पड़ोसी किलों, आमेर किले और जयगढ़ किले के साथ मिलकर एक बार जयपुर शहर की मजबूत रक्षा करने के लिए खड़ा था। यह भी अरावली हिल में स्थित है, जहाँ से पूरा जयपुर दिखाई देता है. इसका नाम पहले सुदर्शन गढ़ था, लेकिन कहते है, जब ये बन रहा था, तब राजा नाहर सिंह की आत्मा यहाँ अंदर मौजूद थी और इसके निर्माण कार्य को देख रही थी, जिसके बाद इसका नाम नाहरगढ़ रख दिया गया. इसे 1734 में बनवाया गया था, जिसे 1864 में फिर से और बढ़ाया गया था. जयपुर शहर का मशहूर किला जो लोगों के बीच पिकनिक स्पॉट के तौर पर लोकप्रिय है। यहाँ से आप जयपुर और आमेर शहर का नज़ारा देख पाएंगे पर इसकी खूबसूरती रात में बेहद निखर के आती है। यहाँ का सिर्फ नज़ारा ही खूबसूरत नहीं है बल्कि किले में मौजूदा रेस्टोरेंट भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र है। वैक्स म्यूज़ियम भी यहाँ का देखने लायक जगह का हिस्सा है। नाहरगढ़ किले में एक और आकर्षण है नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, जो राजसी जानवरों जैसे कि बाघ, तेंदुए और एशियाई शेरों के लिए एक आश्रय स्थल है। नाहरगढ़ किला की टाइमिंगस सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक
 
5.    बिरला मंदिर


जयपुर में शानदार बिरला मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो देश भर में स्थित कई बिरला मंदिरों में से एक का हिस्सा है। लक्ष्मी नारायण मंदिर, भगवान विष्णु (नारायण), संरक्षक और उनकी पत्नी लक्ष्मी, धन की देवी को समर्पित है। बिड़ला मंदिर लक्ष्मी नारायण मंदिर के रूप में भी जाना जाता है, यह मंदिर मोती डूंगरी पहाड़ी पर स्थित है, मंदिर का निर्माण वर्ष 1988 में बिरला द्वारा किया गया था, जब जयपुर के महाराजा ने एक रुपये की टोकन राशि के लिए जमीन दे दी थी। विशुद्ध रूप से सफेद संगमरमर से निर्मित, बिड़ला मंदिर की इमारत प्राचीन हिंदू वास्तुकला शैली और आधुनिक डिजाइन का एक समामेल है। जन्माष्टमी के दौरान बिड़ला मंदिर की यात्रा करें, क्योंकि इस समय मंदिर का नजारा देखने लायक होता है। बिरला मंदिर के चारों तरफ विशाल उद्यान हैं इसके आलवा यहाँ बिरला परिवार के सदस्यों इस्तेमाल की जाने वाली घरेलू वस्तुओं को रखने वाला एक छोटा संग्रहालय भी यहां स्थापित किया गया है। यह संग्रहालय सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे और शाम के 4 बजे से रात के 8 बजे तक खुला रहता है। यहां जाने के लिए पर्यटकों से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता।

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